
बिलासपुर। रात 11.30 बजे सरकंडा थाने के सामने लोगो का हुजूम लगा रहा। ये खमतराई के शासकीय जमीन के कब्जाधारियो की भीड़ है। उनका कहना है कि उनके मुहल्ले की एक महिला समेत 9 लोगो को शाम 7 बजे थाने में बिठा लिया गया है। यही वजह है कि कोई अपने पति भाई और बेटे के लिए अपने छोटे- छोटे बच्चों लेकर थाने के गेट पर बैठे है। उनका कहना है कि उनकी झुग्गियों को तोड़ना है तो तोड़ दे लेकिन रहने के लिए आवास तो देदे। आखिर वे अपने छोटे- छोटे बच्चों को लेकर जाए तो कहा जाए।
पीड़ितों में रेखा दुबे सुनीति साहू मनिशिया साहू तुलसी गुप्ता दशरथ देवांगन समेत अन्य लोगो ने बताया कि उन लोगो को घर तोड़ने का नोटिस दिया गया है। इसी सिलसिले में 1 महिला समेत 9 लोगो को अभी तक थाने में बिठाकर रखा गया है।
उनका कहना है कि यदि कब्जे के मकान को प्रशासन तोड़ना चाहे तो तोड़ दे पर उन्हें रहने के लिए आवास तो विस्थापन नियम के तहत दे। गौरतलब है कि 2 दिन पहले ही खमतराई में अतिक्रमण के नाम पर एक दो मंजिला भवन को ढहाया गया था। इसके बाद से यहां नोटिस का खेल चल रहा।
कोई कह रहा खरीदे तो कोई कह रहा कब्जा
सीजीडीएनए की टीम ने थाने के सामने इन पीड़ितों से बात की। किसी ने यहां जमीन खरीदने की बात कही पर किससे खरीदा पूछने पर नाम नही बता पाए तो कईं लोगो ने सरकारी जमीन पर कब्जा कर मकान बनाने की बात कही।
और बताया लेडिस को उठा लाये जेंट्स पुलिस वाले
ऐसा नही की झुग्गी बस्ती में रहने वाले कानून कायदा नही जानते वे अपनी बात कह बता भी रहे कि ये गलत है किसी महिला को पकड़ने के लिए महिला पुलिस को भेजना चाहिए लेकिन उनके परिवार की महिला को तो जेंट्स पुलिस कर्मी पकड़कर लाए है।
किसके इशारे पर की जा रही कार्रवाई
अवैध प्लाटिंग और सरकारी जमीन पर कब्जे का सुनियोजित षड्यंत्र चल रहा चलाया जा रहा। मंगला में तो निगम के एक पदाधिकारी और एक अधिकारी द्वारा पार्टनरशिप में कच्चा प्लाटिंग करने की खबर चर्चा में है। अब तो इस बात की भी चर्चा गर्म है कि ये वैध-अवैध का फंडा और नोटिस- नोटिस का खेल आखिर कब तक बेधड़क चलता रहेगा। निगम का अतिक्रमण और भवन शाखा आखिर किसके इशारे पर ये खेल खेल रहे है।
8 लोगो पर एफआईआर दर्ज
खमतराई में सरकारी जमीन खरीदी बिक्री मामले का खुलासा होने के बाद प्रशासन ने 8 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया इनमें से 7 आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया गया ।, एक की तलाश जारी है ऐसा यह पहली बार हुआ है जब जमीन के मामले में जिला प्रशासन ने इतनी बड़ी कार्रवाई की है। निगम कमिश्नर और एसडीएम मौके पर जमीन का मुआयना करने भी पहुंचे तहसीलदार जांच के बाद आगे और भी कार्रवाई कर बेची गई सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने दावा किया जा रहा।
इतनी देर से क्यो जागते है जिम्मेदार
निगम सीमा में शामिल हुए नए इलाको में छतरी लगा सड़क किनारे प्लॉट की बिक्री की जा रही। लोग जानकारी के अभाव में इनके चुंगल में फंस अपने जीवन भर की कमाई गवा रहे। लोग और पूंजी लगा और कर्ज ले भवन तान दी रहे कुछ लोग मकान बना बेच भी रहे सवाल यह उठ रहा कि इन कारगुजारियों के लिए क्या राजस्व और निगम का अमला जिम्मेदार नही है। आखिर इन्हें ये सब क्यो दिखाई नही देता जो आमजनमानस रोज देख रहे क्या इनकी कोई जवाबदारी नही।









